28.9.19

Success कठिन है नामुमकिन नहीं- रवीन्द्र जडेजा जीवन स्टोरी

Success कठिन है नामुमकिन नहीं- रवीन्द्र जडेजा जीवन story

Indian क्रिकेट टीम के आॅलराउडंर रवीन्द्र जडेजा आज के समय में पुरे world में क्रिकेट जगत में जाना माना नाम है रवीन्द्र जडेजा का यहां तक पहुंचने का सफर बहुत ही संघर्ष और कठिनाईयों से भरा हुआ रहा।

आपके काम की post- बिजनेस के लिए अपनी Success Teem कैसे चुनें
KYC का क्या मतलब होता है
पैरालिसिस से मुक्ती मात्र सात दिनों में
Medianet-amazon affiliate se online paisa kamaye

रवीन्द्र जडेजा का जन्म गुजरात के जामनगर जिले में 6 दिसंबर 1988 को बहुत ही साधारण परिवार में हुआ जडेजा के पिता का नाम अनिरुद्ध सिंह था जो प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी में काम करते थे रवीन्द्र जडेजा के पिता की ख्वाहिश थी कि रवीन्द्र को आर्मी आॅफिसर बनाना है लेकिन जडेजा की रूचि छोटी उम्र से ही क्रिकेट में थी और वो क्रिकेट में ही अपने आप को तैयार करने लग गए।

जब रवीन्द्र जडेजा की उम्र 17 साल थी तब उनकी माता का निधन हो गया था और उनको बहुत गहरा धक्का लगने के कारण जडेजा ने क्रिकेट से भी दुरी बना ली थी रवीन्द्र जडेजा की एक बहन भी है और जब उन्हें पता चला कि जडेजा ने क्रिकेट से दुरी बना ली है तो उन्होंने जडेजा को बहुत सपोर्ट किया परिवार का आर्थिक बोझ उठाने के लिए वह नर्स बन गई।
अंडर 19 world cricket cup 2006 में रवीन्द्र जडेजा को पहली बार भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल किया गया 2006 में जडेजा ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया। और दलीप ट्राफी में वेस्ट जोन से खेले और साथ ही सौराष्ट्र से रणजी ट्रॉफी भी खेलने लग गये।जब भारत ने अंडर 19 world cricket cup विजेता बना तब रवीन्द्र जडेजा भारतीय क्रिकेट टीम के उपकप्तान थे।

रवीन्द्र जडेजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 8 फरवरी 2009 को पदार्पण किया तब भारतीय टीम एक सीरीज खेल रही थी और उस डेब्यू मैच में इस हरफनमौला खिलाड़ी ने शानदार 60 रनों की नाबाद पारी खेली थी और उसी साल जडेजा ने 10 फरवरी को टी-20 में भी डेब्यू कर लिया था। 2012 में रवीन्द्र जडेजा ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तीन तिहरे शतक लगाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया जो इसे पहले किसी भी भारतीय खिलाड़ी द्वारा प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच में नहीं हुआ था।

इंग्लैंड की टीम टेस्ट मैच खेलने 2012 में जब भारत आई थी तब नागपुर में 13 दिसंबर 2012 को जडेजा ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में डेब्यू किया था जब भारत में आईपीएल की शुरुआत हुई तो अलग अलग टीमों में जडेजा को खरीदने की होड़ मच गई और तब से लेकर अब तक रवीन्द्र जडेजा चेन्नई सुपरकिंग्स, गुजरात लाॅयंस, राजस्थान रॉयल्स जैसी टीमों से अपनी समता और जलवा दिखा चुके हैं।

रवीन्द्र जडेजा घुड़सवारी के बहुत शौकीन हैं जडेजा को अपने कैरियर में बहुत उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा।वो अपने हुनर और मेहनत से अपने आप को साबित करने में कामयाब रहे इसी लिए कहते हैं कि अपने आप को सक्सेस करना कठिन हो सकता है लेकिन नामुमकिन नहीं। मेरी पोस्ट Success कठिन है नामुमकिन नहीं- रवीन्द्र जडेजा जीवन स्टोरी आपको कैसी लगी आप मुझे comment box में अपनी राय मुझे जरूर बताएं और अगर आपको पोस्ट अच्छी लगी हो तो आप अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें।

10 comments:

  1. Thanks for sharing valuable information.This post gives required information to the visitor
    sap training institute in Noida
    sap training institute in Delhi

    ReplyDelete