30.3.22

Kachua aur khargosh ki kahani ( ghmendi khargosh Chatur kachua )

हैलो प्रिय मित्रों आज आपके सामने ऐसी Kachua aur khargosh ki kahani ( ghmendi khargosh Chatur kachua )story लेकर आया हूं जो शायद मेरे से पहले आपको किसी ने सुनाई होगी या आप पहली दूसरी कक्षाओं में आपने study की होगी या बड़े बुजुर्गों ने सुनाई होगी। दोस्तों मेरी कहानी का शीर्षक है कि आप अपने जीवन में कोई भी लक्ष्य कठिन या ऐसा मत समझो कि मैं वो मुकाम हासिल नहीं कर सकता मैं कमजोर हूं मेरे मैं ताकत नहीं हैं मुझमें दिमाग नहीं हैं मैं कमजोर हूं तो आज अभी से कहानी पड़कर मुझे पूरा विश्वास ही नहीं बल्कि यकीन भी है की आपके मन मे जो डर छिपकर बैठ गया हैं वो आज भाग जायेगा।

दूसरी बात मेरी कहानी में जो दूसरा पहलू बताया गया है वो भी आपकी जिंदगी को आपके लक्ष्य को सही सलामत रखे उसके बारे मे विस्तार से मेने जानकारी दी गई है की चाहे हम शक्तिशाली ताकतवर या हमारा bussniss कितना भी बड़ा क्यों ना हो जाए हमे कभी भी अपने आप पर घमंड नहीं करना चाहिए दोस्तों bahut mehnat se Mene पूरी कहानी आपके लिए बनाई है आप ध्यान से पढ़ें और अपने दिमाग में उतारे हां facebook twitter youtube websites पर आपको ऐसी बहुत कहानी मिल जाएगी लेकिन उसमे और मेरी कहानी में दिन रात का फर्क है। Kachua aur khargosh ki kahani ( ghmendi khargosh Chatur kachua )

पुराने जमाने की बात है एक बहुत बड़ा जंगल था उस जंगल में एक खरगोश और एक कछुआ रहता था और भी बहुत सारे जानवर रहते थे khargosh bahut Chatur aur ghamandi tha vah apne aap bahut hi ghamand Karta tha isiliye vah aur dusre janvaron per hansta tha खरगोश बहुत तेज भागता था इसलिए उसको अपने तेज रफ्तार का बहुत घमंड हो रहा था वो मन ही मन बहुत खुश हुआ करता की इस जंगल में मेरे से मुकाबला कोई नहीं कर सकता है ।

 एक समय की बात है जब खरगोश जंगल में घूम रहा था तो उसकी नजर एक कछुआ पर पड़ी और वो उसके पास जाकर उसको देखने लगा और जोर जोर से हंसने लगा की तुम बहुत धीरे धीरे चलते हो तुम मेरे जैसे तेज रफ्तार से दौड़ नही सकते हो। एक मुझे देखो मे इतना तेज speed se भागता हूं कि इस वन में मेरे से कोई जीत हासिल नहीं कर सकता khargosh की पुरी बातें kachua ताव से सुन रहा था और फिर धीरे से बोला कि देख मेरे भाई तुम अपनी रफ्तार पर इतना भरोसा घमंड मत करो ज्यादा उछलना सही नहीं है। इस पर खरगोश कछुआ का मजाक उड़ाते हुए बोला की ओह मेरे छोटे से भाई तू मुझे क्या सीख दे रहा है इतना ही है तो मुझे मुकाबला कर के देख तुझे भी मालूम पड़ जायेगा कि मैं क्या चीज हूं फिर कछुआ बोला रहने दे भाई तेरा ghamand चकनाचूर हो जायेगा और सारे जंगल के जानवर तेरे पर हंसेंगे मेरा तो कुछ नहीं जाने वाला हैं तेरी पोल खुल जाएंगी इस बात पर khargosh को जोर से हंसी आई और बोला ऐसा हैं तो हो जाए मुकाबला फिर दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा सब के सामने। 

अब दोनों के बीच बात पक्की हो गई की सब के सामने जो भी वो दुर एक बहुत बड़ा पेड़ हैं उसके पहले जो चक्कर लगा कर आयेगा वो ही विजेता कहलाएगा । अब जैसे ही दौड़ चालू हुवा khargosh तो बहुत तेज स्पीड से आगे निकल गया था लेकिन कछुआ बेचारा छोटा जानवर था तो वो धीरे धीरे चलने के कारण खरगोश से काफी पीछे रहे गया। खरगोश अपने पूरे जोश के साथ दौड़ता हुआ जा रहा था तबी पीछे मुड़कर देखा तो कछुआ तो दूर दूर तक कई नजर भी नहीं आ रहा था यह सब देख कर खरगोश ने सोचा क्यूं ना कुछ देर के लिए आराम कर लेते हैं। कछुआ अपने नजदीक आयेगा तो फिर तेज भाग कर उसको पीछे छोड़ दूंगा और और बाजी तो मैं जीत ही लूंगा ऐसे भी आगे जाकर करना ही है मुझे ये सोचते हुए खरगोश पेड़ की ठंडी छाए मैं आराम से सो गया। खरगोश नींद में सपने देखने लग गया और इधर कछुआ अपनी चाल से चलता रहा और शाम होने से पहले ही अपना लक्ष्य हासिल कर के वाफिस आ गया और आराम से सो गया की कब खरगोश आयेगा। 

घमंडी खरगोश की एक दम नींद खुली तो देखा कि कछुआ तो आराम कर रहा है फिर खरगोश ने कछुआ से बोला कि तुमने चक्कर पूरा नहीं लगाया तुमने धोखा किया मेरे साथ। खरगोश की ऐसी बातें सुनकर जंगल के सारे जानवर एक साथ बोले की जीत कछुआ की ही हुई हैं और जोर जोर से सबने एक साथ कछुआ की जय बोली और विजय माला पहेनाकर जोरदार स्वागत किया खरगोश बहुत शर्मिंदा हुवा फिर बोला मैं कभी किसी की मजाक नहीं उड़ाऊंगा।

Kachua aur khargosh ki kahani ( ghmendi khargosh Chatur kachua इस कहानी से सीख लेनी चाहिए कि हमे अपने से कमजोर पर कभी भी हंसना नहीं चाहिए सदा सबको बराबर समझना चाहिए दोस्तों आपको मेरी यह post कैसी लगी मुझे जरूर बताएं और अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ शेयर जरूर करें

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